शनिवार, 23 जुलाई 2016

                                                  * हिन्दुस्तान नजर नहीं आता *

इंसान तो दिखता है पर ईमान नजर नहीं आता 
दुश्मन को जला दे वो हनुमान नजर नहीं आता ,
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।। 


उत्तर में हिमालय रोता पश्चिम का गुजरात जहर उगलता 
पूर्व में नक्सलवाद दक्षिण में माओवाद नजर आता ,
हर वस्तु में मिलावट आज इंसान पानी का दूध बनाता 
रिश्वत का बोलबाला हे कोई इसको मिटाने वाला नजर नहीं आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।। 


गाँधी नेहरू और पटेल के आदर्शों को तो हम गवां बैठे 
भगतसिंह जैसे वीरों की कुर्बानी को भी हम भूला बैठे 
आजादी के सपनों को  तो धूल में मिला दिया हमनें 
तुच्छ स्वार्थ की खातिर देश से गधारी कर दी हमने 
अब तो हर जगह जनरल डायर नजर आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।। 


अब हम भारतीय हैं पर अपने भाई के नहीं 
हम मानव तो हैं परन्तु अपने आदर्श मानवता के नहीं 
नार से जो नारी बना उस पर क्या अभिमान करुँ 
मेरा प्यारा तो हिन्दुस्तान था भारत पर क्या अभिमान करूँ 
आज मुझे कोई देश भक्त नजर नहीं आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।।


नेता जी सी बोली कहाँ अब आजाद सी गोली कहाँ 
वो खून वाली होली कहाँ अब देश भक्तों की चोली कहाँ 
झांसी वाली कहानी कहाँ अब भगतसिंह सी जवानी कहाँ 
करुँ मेँ भारत माता का श्रृंगार अक्षर और रोली कहाँ 
आज मुझे कहीं पर भी वन्देमातरम का गान नजर नहीं आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।।




(कवि - सांवर मल जाट )
                                                             * काश्मीर की पुकार *


काश्मीर जो धरती का स्वर्ग दिखाई देता था 
भारत माँ के सर का ताज दिखाई देता  था ,
खो गया है आज वो अपनी ही फूलों की घाटी में 
दुश्मन लात मार रहा हे भारत माँ की छाती में  ।।


47 के बटवारे ने 65 की आग में झोंक दिया 
71 की लड़ाई ने भी कारगिल को फूँक दिया ,
दिल्ली फिर भी कुम्भकरण की शैय्या पर सोई हे ,
देख दिल्ली की नाकामी धरती मैय्या रोई हे  ।।


क्यों शिमला समझौते को बार - बार दोहराते हो 
एक बार क्यों नहीं नया कोहराम करवाते हो , 
बहुत सह लिया अब एक संग्राम हो जाने दो 
उस नापाक को उसकी ओकात बताने दो   ।।


शहीदों के बच्चों की किलकारी सुनाई देती हे घरों में 
कितने ही शिमला जैसे समझौते जलते हे बारूदों के ढेरों में ,
आखिर दिल्ली का यह संयम क्यों नहीं टूट रहा 
सब्र का प्याला कब भरेगा जो पेंदे से फूट रहा  ।। 


(कवि - सांवर मल जाट )
                                                                * दर्द प्यार का *
प्रेम प्यार और स्नहे लता का,
कायल हु में उसकी अदा का ।
उसके प्यार में जीवन खोता हु,
अब भी उसकी याद में यारों
सिसक सिसक कर रोता हुँ ।।

                                           मझनु सा मैं पागल हु,
                                           रांझा सा मैं गायल हु 
                                           जी कर भी दुनिया छोड़ गया,
                                           उससे जब नाता तोड़ गया । 
                                           अब भी उसको भूल नहीं पाता हु,
                                           अब भी उसकी याद में यारों
                                            सिसक सिसक कर रोता हुँ  ।। 

उसकी याद सताए मुझको 
उसका प्यार मिटाए मुझको 
इतना प्यार है उससे मुझको,
उसकी याद में जागु यारों 
उसकी याद में सोता हु । 
अब भी उसकी याद में यारों 
सिसक सिसक कर रोता हुँ ।। 
                                             मैंने तो प्यार किया था तुझसे 
                                             अपना जीवन वार दिया था तुझपे
                                             वो तो मार गई थी मुझको पर, 
                                             उसके वादों की ख़ातिर जीता हुँ
                                             अपनी कसमों पर मरता हुँ । 
                                             अब  भी उसकी याद में यारों 
                                             सिसक सिसक कर रोता हुँ ।। 
मेरे प्यार कि कहानी तुझ से 
है बर्बाद मेरी जवानी तुझ से ,
कैसे समझाऊँ यारों उसको 
कितना दर्द मिला प्यार में मुझको । 
उस दर्द में ही जीवन पाता हुँ 
अब भी उसकी याद में यारों ,
सिसक सिसक कर रोता हुँ ।। 


(कवि  - सांवर मल जाट )                                                                                       (प्रकाशक - उमेश जाट )
Zindgi Me Sabse Zayada Dukh Kab Hota He?????

Jab Aap Apni Sabse Pyari cheej Kho Dete Ho.

Or Vo Hoti He   "MAA"
Aap Jo Chaho Vo Ban Sakte Ho ..........
Bas.......
Khud Par Atoot Visvash Hona Chihiye..

Hey.... Raahgir  Andhere Se Na Gabra
Kyunki Andhera Hoga Tabhi To Savera Hoga...