मंगलवार, 26 जुलाई 2016

पुकार (POEM)

पुकार


कर रहा हे तु परिश्रम , 
है तु हि इस धरती कि शान 
हे किसा - तु बड़ा महान   ॥ 


तेरे हि परिश्रम से , है धरती का श्रृंगार 
तु हि रह गया है , इस भूमि का आधार 
अपनी मेहनत और लगन से 
बंजर भूमि में भी लगा डाला तुने उध्यान 
हे किसा - तु बड़ा महान   ॥ 


करता है तु मेहनत , उगाता है तु अनाज 
फिर भी नहीं रहा आज ,तुझ पर किसी को नाज 
ओरों के लिए करता सब कुछ, तेरे लिए किसी ने नहीं किया कुछ 
ये कैसी विडम्बना है भगवान
हे किसा तु बड़ा महान  ॥ 


तु है इस भुमि का पुत्र, फिर भी नहीं सुनी तेरी किसी ने पुकार 
कब तक दबा रहेगा कर्ज में, कब तक सहेगा नेताओं का अत्याचार 
अब उठा के हत्यार, बन जा तु सीमा का जवान 
हे किसा तु बड़ा महान  ॥ 


कोंग्रेस हो बीजेपी हो या हो कोई सरकार 
तुझ पर होता रहा अत्याचार ,
तुने बनाया सबको अमीर इन्होंने तुझ ही बना डाला गरीब 
कर तु भी कुछ ऐसा, जिससे हो जाये इन की हालत खराब 
हे किसा तु बड़ा महान  ॥ 


अब भी तु नहीं जगा तो, डुबो देगी तुझको ये महंगाई 
फिर कैसे कर पायेगा तु अपनी ही बेटी की विदाई 
सुनो "सांवरिया" जय जवान जय किसान 
हे किसा तु बड़ा महान   ॥ 


(कवि - सांवर मल जाट)

मेरा हिन्दुस्थान (POEM)

* मेरा हिन्दुस्थान *







पैदा हुआ आर्यवृत बनकर , सुख और खुशहाली लाया था 
अपनों और परायों को इसने , सम्मान से रहना सिखाया था
विश्व में ज्ञान-ज्योति का दीप जलाया,तब ही यह विश्व गुरू कहलाया था ॥ 


जवान हुआ हिन्दुस्थान बनकर,अपने बाहुबल से दुनिया को जीना सिखाया था  
अपनी मेहनत और लग्न से खूब कमाया,अपने आविष्कारों से दुनिया को परिचित करवाया था 
इसने कठोर परिश्रम से अपार धन कमाया , तभी तो यह सोने कि चिड़िया कहलाया था ॥ 


अधेड़ हुआ भारत बनकर , बनते हि भारत ने सम्मान और सम्पति को खोया था 
नजर लगी नजाने किसकी , सब कुछ इसने गंवाया था 
मुगलों और अंग्रेजो का हुआ था जब ये गुलाम,डाली परतंत्रता ने इसके पैरो में जंजीरे 
अपनी सारी शक्ति , यश को खोकर ये बहुत रोया था ॥ 


बुढा हुआ इंडिया बनकर बेबस लाचार बनकर दुनिया के सामने आया 
इसकी जड़ो को अपनों ने हि काटा 
ज्ञान देनें वाला गुरू , आज स्वयं ज्ञान के लिए चिल्लाया 
कौन सहायता करने वाला  इसकी , अपनों ने हि जब इसको मार गिराया ॥ 


* जय हिंद *                                                                                * जय भारत *


(कवि - सांवर मल जाट )